तात्कालिक ऋण की वर्तमान में अधिकतम सीमा रूपये 20 हजार है। यह ऋण सदस्य को बिना किसी जमानती के जारी किया जाता है। इसका भुगतान अधिकतम 20 मासिक किस्तों में किया जाना अनिवार्य है। तात्कालिक ऋण सदस्य को सोसायटी में उनके अपने खाते में जमा शेयरमनी, अनिवार्य जमा, ऐच्छिक जमा आदि के विरूद्ध ही जारी होता है। यह ऋण सदस्य के खाते में कुल जमाराशि के लगभग 75 प्रतिशत तक की राशि के लिए ही जारी किया जाता है। यदि सदस्य ने सोसायटी से सामान्य ऋण लिया हुआ है तो उस स्थिति में उसे स्वीकृत ऋण सीमा से अधिक का तात्कालिक ऋण जारी नहीं हो सकेगा।
सोसायटी अपने सदस्यों को सामान्य ऋण के रूप में अधिकतम 2 लाख ( दो लाख) रूपये तक की सीमा का ऋण जारी करती है। ऋण के संबंध में वर्तमान में जो नीति है वह इसप्रकार है:-
सोसायटी को जब सदस्य का ऋण आवेदन-पत्र प्राप्त होता है तो उस पर विभागीय कार्यवाही की जाती है जिसमें यह देखा जाता है कि सदस्य द्वारा अपने पूर्व ऋण का भुगतान किस प्रकार किया गया था। यदि सदस्य अपने पूर्व ऋण को चुकाने में अनियमित रहा हो तो उसका वर्तमान ऋण प्रभावित हो सकता है। साथ ही जमानतियों की स्थिति भी देखी जाती है। यदि जमानती स्वयं के ऋण या जमानत देने के कारण से डिफाल्टर है तो सोसायटी ऐसे मामलों में जमानती बदलने का निदेश भी दे सकती है।
सोसायटी को जब सदस्य का ऋण आवेदन-पत्र प्राप्त होता है तो उस पर विभागीय कार्यवाही की जाती है जिसमें यह देखा जाता है कि सदस्य द्वारा अपने पूर्व ऋण का भुगतान किस प्रकार किया गया था। यदि सदस्य अपने पूर्व ऋण को चुकाने में अनियमित रहा हो तो उसका वर्तमान ऋण प्रभावित हो सकता है। साथ ही जमानतियों की स्थिति भी देखी जाती है।